3/18: भजन संहिता 106:1

3/18: भजन संहिता 106:1

  1. अपने सुन्दर विचार हम सब के साथ बाँटने के लिए धन्यवाद श्री लिखी जी।

  2. धन्यवाद सुशील लिखी जी इस अति सुंदर लिफ्ट के लिए, हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है हमारा काम अनंत आशीषो के लिए दाता का धन्यवाद देना और उसके कामों के लिए उसकी प्रशंसा करना है !

  3. धन्यवाद ,इस सुंदर सन्देश के लिए! सचमुच हमें भगवान् की अनंत आशीषों के लिए हमेशा ही धन्यबाद करना चाहिए! मैंने जाना कि रोजाना हर पल भगवान् का धन्यवाद करने से हम अनंत आशीषित होते हैं!

  4. धन्यवाद और परमेश्वर की स्तुति पर अपनी प्रेरणा साझा करने के लिए आप, प्यारे दोस्तों, धन्यवाद.
    मैं रोज की लिफ्टों पर अपने योगदान के लिए आप में से हर एक के लिए आभारी हूँ.

  5. धन्यवाद!!

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